Friday, April 10, 2009

एन आर आई पिता पुत्र संवाद (२०९९)

पापाजी देखने छियैक अहाँ
गाछ चाउरक
कहूत' चाउर ऊपर फरैत छैक गुलाब जकां
की मांटीक तर मे
पापाजी आंगुर राखि ठोरपर
सोच मे परि गेला
की कहथिन बेटा के लाजे गरि गेला
तैओ साहस स' बजला
अच्छा पूछह दोसरो प्रश्न
सबहक जबाब देबह एके संग
ठीक छै कहूत'
गाय आ मंहिसमे की छै फरक
जखन दूनू छै दैत मिल्क आ काफ
केहन लगै छै गाछ मे फरल
जामुन आ आम
भुखले पेट कोना सुतै छै लोक
आ बाढीमे कोना भसिया जाइत छैक गामक गाम
कोन देश मे लोकक पैर मे बेमाय छै फाटैत
आ एखनो कोन लोक सब रद्द -दस्तस' छैक मरैत
सड़क पर जायब टॉयलेट देखि कतय नै छै सजा
कीचर भरल गाम मे केहन छै मजा
पापाजी कंप्यूटर पर लगेलनि गूगल सर्च
लगला ताकय जबाब
पुत्रके लगलै ख़राब
बाजल-
कंप्यूटर पर हमरो बुते जबाब भेटिए जेतै
जखन अहुं तकबई गूगले पर
तखन बाप भइएक' की हेतै ?.

1 comment:

Gajendra Thakur said...

कंप्यूटर पर त हमरो बुते जबाब भेटिए जेतै
जखन अहुं तकबई गूगले पर
तखन बाप भइएक' की हेतै ?.

adbhut kavita

Gajendra Thakur
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